देहरादून। पंचायत सेवा परिषद द्वारा ग्राम पंचायत विकास अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी के फंक्शनल मर्जर के विरोध में 12 दिन 17 से 28 जनवरी 2023 की हड़ताल अवधि को उपार्जित अवकाश में समायोजित कर दिया गया है। इससे इन कार्मिकों को हड़ताल अवधि में कटे वेतन का भी लाभ मिल पायेगा।
उक्त बात प्रदेश के पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, लोकनिर्माण, पर्यटन, सिंचाई, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने रविवार को जारी अपने एक बयान में कही है। उन्होंने कहा कि पंचायत सेवा परिषद द्वारा ग्राम पंचायत विकास अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी के फंक्शनल मर्जर के विरोध में 12 दिन 17 से 28 जनवरी 2023 को हड़ताल की गई थी। हड़ताल की अवधि को उपार्जित अवकाश में समायोजित करने की पंचायत कर्मियों की मांग पर कैबिनेट ने अपनी मोहर लगा दी है जिससे अब इन कार्मिकों के सेवा संबंधी प्रकरणों का समाधान संभव हो पायेगा और हड़ताल अवधि में कटे वेतन का भुगतान भी किया जायेगा।
महाराज ने कहा कि राज्य की पुष्कर सिंह धामी सरकार हमेशा कर्मचारियों के साथ खड़ी है और उनके हितों का हमेशा ध्यान रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि पंचायत कर्मी भी पंचायतों को सशक्त और आत्म निर्भर बनाने के लिए अधिक मेहनत व ईमानदारी से कार्य करें।



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